Benefits of Shatavari churan in Hindi
शतावरी (Shatavari) का नाम बहुत कम लोगों ने सुना होगा, इसलिए बहुत कम लोग ही शतावरी का प्रयोग करते होंगे। क्या आपको पता है कि शतावरी क्या है, शतावरी के फायदे क्या हैं, शतावरी का सेवन किया जाता है, या यह कहां मिलता है ?
आयुर्वेद में शतावरी को एक बहुत ही फायदेमंद जड़ी-बूटी के रूप में बताया गया है। आप अनेक बीमारियों की रोकथाम, या इलाज में शतावरी का प्रयोग कर सकते हैं। अगर आपको शतावरी के फायदे के बारे में जानकारी नहीं है, तो हम बताते हैं।
Table of Contents
शतावरी बेल या झाड़ (shatavari plant) के रूप वाली शतावरी एक जड़ी-बूटी है। इसकी लता फैलने वाली, और झाड़ीदार होती है। एक-एक बेल के नीचे कम से कम 100, इससे अधिक जड़ें होती हैं। ये जड़ें लगभग 30-100 सेमी लम्बी, एवं 1-2 सेमी मोटी होती हैं। जड़ों के दोनों सिरें नुकीली होती हैं।
इन जड़ों के ऊपर भूरे रंग का, पतला छिलका रहता है। इस छिलके को निकाल देने से अन्दर दूध के समान सफेद जड़ें निकलती हैं। इन जड़ों के बीच में कड़ा रेशा होता है, जो गीली एवं सूखी अवस्था में ही निकाला जा सकता है।
दुनिया भर में शतावरी (Satavari) को कई नामों से जाना जाता है जो ये हैं
शतावरी चूर्ण( Shatavari Churna)प्राकृतिक रूप से फाइटो-एस्ट्रोजन नामक हार्मोन होते हैं जोकि महिलाओं की स्वस्थ प्रजनन प्रणाली के लिए जिम्मेदार होते हैं। यह गर्भाशय को तो मजबूत करता ही है साथ ही बच्चा होने के बाद स्वास्थ्य लाभ और स्तनों में दूध के स्तर को भी स्वस्थ बनाता है।
शतावरी चूर्ण(Shatavari Churna) सर्वोत्तम ऊर्जा देता है और अपने शीतल स्वभाव के कारण रजोनिवृति के समय होने वाली समस्याओं जैसे गर्मी की लहरें, रात को पसीना आना, यादाश्त कम होना और चिंता को भी संतुलन में ले आता है। जो हार्मोन पहले से ही संतुलित होते हैं उनका भी यह पक्ष लेता है।
योनि के संक्रमण का कारण बनने वाले कैंडिडा बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए भी शतावरी चूर्ण(Shatavari Churna) जाना जाता है। जब लगातार इसका प्रयोग किया जाए तो यह पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम के इलाज़ में भी काम आता है।
शतावरी चूर्ण(Shatavari Churna) हर स्थिति में शरीर के प्रतिरोध को बढ़ावा देता है चाहे वह सामान्य हो या फिर प्रतिरक्षा को दबाने की स्थिति हो जिसकी वजह से प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा भी मिलता है और स्वस्थ भी होती है।
मुक्त कणों को कम करना और अल्सर को बनने से रोकना जोकि गैस्ट्रिक क्षेत्र के अंदर की परत में होता है, शतावरी के खास गुणों में से एक है।
शतावरी एक ऐसी श्रेष्ठ जड़ी बूटी है जो आंतों को साफ करती है और पाचन एंजाइमों की सक्रियता पर भी प्रभाव डालती है।
महिलाओं की प्रजनन प्रणाली के साथ साथ यह पुरुष प्रजनन प्रणाली के लिए भी लाभदायक है। शतावरी के प्रयोग से पुरुषों के प्रजनन तरल पदार्थ बढ़ते हैं, स्वस्थ शुक्राणुयों का विकास होता है और पौरुष बढ़ता है। यह पुरुषों की सूजन और यौन समस्याओं का हल है।
Read- Patanjali Musli Pak Review पुरुषों की सभी समस्याएं दूर करने के लिए
स्वप्न दोष को ठीक करने के लिए ताजी शतावर की जड़ का चूर्ण बना लें। इसे 250 ग्राम तथा 250 ग्राम मिश्री को मिलाकर कूट-पीस लें। इसे 6-11 ग्राम चूर्ण को, 250 मिली दूध के साथ सुबह-शाम लें।
इससे स्वप्न दोष दूर होता है, और शरीर स्वस्थ रहता है। शतावर चूर्ण के फायदे का पूरा लाभ तभी मिलता है जब चूर्ण को सही तरह से बनाया जाय और सही तरह से इसका सेवन किया जाय।
Read – Chandraprabha Vati Uses, Benefits in Hindi चंद्रप्रभा वटी की जानकारी
इस जड़ी बूटी को लेने का सर्वोत्तम तरीका चूर्ण रूप में है क्योंकि इस जड़ी को जीभ पर रखने से पाचन क्रिया आरम्भ होती है और शरीर को इस प्रक्रिया को शुरू करने के सिग्नल मिलने लगते हैं।
इसको गोली के रूप में भी ले सकते हैं और तरल रूप में भी। गुड़ में मिलाकर जैम भी बनाया जा सकता है और घी में मिलाकर भी लिया जा सकता है।
जैसा की आपको पता है किसी भी चीज का उपयोग हद से अधिक करने पर नुकसादायक परिणाम होते है। उसी तरह शतावरी जड़ीबूटी के लाभ के बारे में आगे आपने जान लिया होगा। किंतु कुछ मामलो में इसके नुकसान भी हो सकते हैं। चलिए आगे बताते हैं।
P King Capsule Review : आज की व्यस्त जिंदगी में शारीरिक और मानसिक थकावट से… Read More
लीच ऑयल (जोंक तेल) एक पारंपरिक आयुर्वेदिक उपाय है जिसे पुरुषों के यौन स्वास्थ्य को… Read More
Benefits Of Saffron In Hindi हैलो दोस्तों तो चलिए आज जानते है केसर से रिलेटिड… Read More
Benefits Of Kiwi In Hindi हैलो दोस्तों तो चलिए आज जानते है कीवी से रिलेटिड… Read More
Benefits Of Kumaryasava In Hindi हैलो दोस्तों तो चलिए आज जानते है कुमार्यासव से रिलेटिड… Read More
Benefits OF Raisins In Hindi दोस्तों तो चलिए आज जानते है किशमिश से रिलेटिड जानकारियां… Read More
This website uses cookies.