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Benefits Of Giloy In Hindi |गिलोय के फायदे

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Madhu Thakur

Benefits Of Giloy In Hindi गिलोय का नाम बहुत कम लोगों ने सुना होगा इसलिए बहुत कम लोग ही गिलोय का प्रयोग करते होगें । अगर आपको गिलोय की कुछ भी जानकारी नहीं पता हैं तो आज इस पोस्ट में हम आपको गिलोय से रिलेटेड जानकारी देंगे।

तो चलिए सबसे पहले जान लेते है कि ये गिलोय है क्या ? इसका प्रयोग क्यू किया जाता है ? इससे हमें क्या क्या फ़ायदे होते हैं और यह कहां मिलता है?

गिलोय का विज्ञानिक नाम टिनोस्पोरा कार्डीफोलिया है। इसकी बेल कई बीमारियों को अकेले ही ठीक करने की अद्भुत क्षमता रखती है, इसलिए इसे अमृता (अमृत के समान) के नाम से भी जाना जाता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह जिस भी पेड़ से लिपटकर बढ़ती है, उस पेड़ के कई औषधीय गुण गिलोय के औषधीय गुण में समाहित हो जाती है। इसी कारण नीम के पेड़ पर मौजूद गिलोय की बेल को लाभकारी और सबसे बेहतर माना जाता है।

1. गिलोय क्या है:– ( What Is Giloy )

गिलोय एक बेल है, जो मुख्य रूप से जंगलों, खेतों की मेड़ों और पहाड़ों की चट्टानों पर पाई जाती है। इसकी तासीर गर्म होती है। इसके फल मटर के बीज जैसे दिखते हैं। इसका तना हरा और देखने में किसी रस्सी-सा लगता है। गर्मी के दिनों में इसपर छोटे पीले फूल लगते हैं, जो नर पौधे में गुच्छे के रूप में और मादा में अकेले मौजूद होते हैं। यही कारण है कि नर और मादा के रूप में गिलोय की पहचान इसके फूलों को देखकर की जाती है। गिलोय की पत्तियां प्रोटीन, कैल्शियम व फास्फोरस से भरपूर होती हैं, इसलिए गिलोय के पत्ते के फायदे भी कई हैं।

2. गिलोय में पाए जानें वाले पोषक तत्व:– ( Nutrients Found In Giloy )

  • गिलोय में गिलोइन नामक ग्लूकोसाइड और
  • टीनोस्पोरिन,
  • पामेरिन एवं
  • टीनोस्पोरिक एसिड पाया जाता है।
  • इसके अलावा गिलोय (Giloy) में:–
  • कॉपर,
  • आयरन,
  • फॉस्फोरस,
  • जिंक,
  • कैल्शियम और
  • मैगनीज भी प्रचुर मात्रा में मिलते हैं।

3. गिलोय के फायदे:– ( Benefits Of Giloy In Hindi)

तो चलिए जानते है अब गिलोय से होने वाले फायदे के बारे में इससे हमें क्या क्या फायदे मिलते है:–

1. डायबिटीज:– (Giloy Benefits For Diabetes In Hindi)

विशेषज्ञों के अनुसार गिलोय हाइपोग्लाईसेमिक एजेंट की तरह काम करती है और टाइप-2 डायबिटीज को नियंत्रित रखने में असरदार भूमिका निभाती है। गिलोय जूस (giloy juice) ब्लड शुगर के बढे स्तर को कम करती है, इन्सुलिन का स्राव बढ़ाती है और इन्सुलिन रेजिस्टेंस को कम करती है। इस तरह यह डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत उपयोगी औषधि है।

खुराक और सेवन का तरीका :– डायबिटीज के लिए आप दो तरह से गिलोय (Giloy in hindi) का सेवन कर सकते हैं।

  • गिलोय जूस :– दो से तीन चम्मच गिलोय जूस (10-15ml) को एक कप पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।
  • गिलोय चूर्ण :– आधा चम्मच गिलोय चूर्ण को पानी के साथ दिन में दो बार खाना खाने के एक से डेढ़ घंटे बाद लें।

2. डेंगू:– (Giloy Benefits For Dengue In Hindi)

डेंगू से बचने के घरेलू उपाय के रूप में गिलोय का सेवन करना सबसे ज्यादा प्रचलित है। डेंगू के दौरान मरीज को बहुत तेज़ बुखार होने लगते हैं। गिलोय में मौजूद एंटीपेयोर्टिक गुण बुकार को ठीक करते हैं साथ ही यह इम्यूनिटी बूस्टर की तरह भी काम करती है जिससे डेंगू से जल्दी से आराम मिलता है।

खुराक और सेवन का तरीका:– डेंगू होने पर दो से तीन चमच गिलोय जूस को एक कप पानी में मिलाकर दिन में दो बार खाना खाने से एक डेढ़ घंटे पहले लें। इससे डेंगू से जल्दी आराम मिलता है।

3. खांसी:– (Giloy Benefits For caugh In Hindi)

अगर कई दिनों से आपकी खांसी ठीक नहीं हो रही है तो गिलयो (Giloy benefits) का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। गिलोय में एंटीएलर्जिक गुण होने के कारण यह खांसी से जल्दी आराम दिलाती है। खांसी दूर करने के लिए गिलोय के काढ़े का सेवन कर सकते है।

खुराक और सेवन का तरीका:–खांसी से आराम पाने के लिए गिलोय का काढ़ा बनाकर शहद के साथ उसका सेवन करें। इसे दिन में दो बार खाने के बाद लेना ज्यादा फायदेमंद रहता है।

4. बुखार:– (Giloy Benefits For fever In Hindi)

गिलोय में एसे एंटीपायर्टिक गुण होते है जो पुराने से पुराने बुखार को ठीक कर देती है। इसी वजह से मलेरिया, डेंगू और स्वाइन फ्लू जैसे गंभीर रोगों में होने वाले बुखार से आराम दिलाने के लिए गिलोय के सेवन की सलाह दी जाती है।

खुराक और सेवन का तरीका:–बुखार से आराम पाने के लिए गिलोय घनवटी (1-2 टैबलेट) पानी के साथ दिन में दो बार खाने के बाद लें।

5. इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक:–( Giloy Benefits For Immunity In Hindi )

बीमारियों को दूर करने के अलावा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना भी गिलोय (Giloy Benefits) के फायदे में शामिल होता है। गिलोय सत्व या गिलोय जूस का नियमित सेवन शरीर की इम्युनिटी पॉवर को बढ़ाता है जिससे सर्दी जुखाम समेत कई तरह की संक्रमक बीमारियों से बचाव हाता है।

खुराक और सेवन का तरीका:–गिलोय इम्युनिटी बूस्टर की तरह काम करती है। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए दिन में दो बार दो 3से तीन चम्मच (10-15ml) गिलोय जूस का सेवन करें।

6. पीलिया:– ( Giloy Benefits For Jaundice In Hindi )

पीलिया के मरीजों को गिलोय के ताजे पत्तों का रस पिलाने से पीलिया जल्दी ठीक हो जाता हैं। इसके अलावा गिलोय के सेवन से पीलिया में होने वाले बुखार और दर्द से भी आराम मिलता है।

खुराक और सेवन का तरीका:– एक से दो चुटकी गिलोय सत्व को शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार नाश्ता या कुछ खाने के बाद ले।

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8. त्वचा के लिए गुणकारी:– ( Giloy Benefits For Skin Problem )

गिलोय त्वचा संबंधी रोगों और एलर्जी को दूर करने में भी सहायक होते हैं। अर्टीकेरिया में त्वचा पर होने वाले चकते हो या चेहरे पर निकलने वाले कील मुहांसे गिलोय इन सब को ठीक करने से मदद करता है।

इस्तेमाल करने का तरीका:–त्वचा संबंधी समस्याओं से आराम पाने के लिए के तने का पेस्ट बना लें और इस पेस्ट को सीधे प्रभावित हिस्से पर लगाएं। यह पेस्ट त्वचा पर मौजूद चकत्ते, कील-मुंहासो आदि को दूर करने में सहायक है।

9. गठिया:–( Giloy Benefits For Rheumatoid Arthritis In Hindi )

गिलोय में एंटी आर्थराइटिक गुण होते है। इन्ही गुणों के कारण गिलोय गठिया से आराम दिलाने में कारगर होती है। खासतौर पर जो लोग जोड़ों के दर्द से परेशान रहते है उनके लिए गिलोय का सेवन करना ठीक रहता है।

खुराक और सेवन का तरीका:–गठिया से आराम दिलाने में गिलोय जूस और गिलोय का काढ़ा दोनों ही उपयोगी हैं। अगर आप गिलोय जूस (Giloy juice) का सेवन कर रहे हैं तो दो से तीन चम्मच (10-15ml) गिलोय जूस को एक कप पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। इसके अलावा अगर आप काढ़े का सेवन कर रहे हैं तो गिलोय का काढ़ा बनाकर उसमें शहद मिलाएं और दिन में दो बार खाने के बाद इसका सेवन करें।

10. अस्थमा:– ( Giloy Benefits For Asthma In Hindi )

गिलोय में एंटी इफ्लेमेंट्री गुण होने के कारण यह सांसों से संबंधित समस्या से आराम दिलाने में प्रभावशाली है। गिलोय कफ को नियंत्रित करती है और साथ ही इम्युनिटी पॉवर को भी बढ़ाती है जिससे अस्थमा और खांसी जैसे रोगों से बचाव मिलता है और फेफड़े स्वस्थ रहते हैं।

खुराक और सेवन का तरीका:–अस्थिमा से बचाव के लिए गिलोय चूर्ण में मुलेठी चूर्ण मिलाकर शहद के साथ दिनों में दो बार इसका सेवन करें। यह मिश्रण सांसों से जुड़ी अन्य समस्या से आराम दिलाने में कारगर है।

4. गिलोय के औषधीय गुण:–

आयुर्वेद के अनुसार गिलोय की पत्तियां, जड़े और तने तीनों ही भाग सेहत के लिए बहुत गुणकारी है लेकीन बीमारी के इलाज में सबसे ज्यादा उपयोग गिलोय के तने या डंठल का होता है। गिलोय में बहुत अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं साथ ही साथ ही इसमें एंटी इफ्लेमेंट्री और कैंसर रोधी गुण पाए जाते हैं। इन्हीं गुणों की वजह से यह बुखार, पीलिया, गठिया, डायबिटीज, कब्ज, अपच और मूत्र संबंधी आधी रोगों से आराम दिलाती है। बहुत कम औषधियां ऐसी होती है जो वात, पित्त और कफ तीनों को नियंत्रित करती है, गिलोय उन में से एक है। गिलोय का मुख्य प्रभाव टॉक्सिन पर पड़ता है यह हानिकारक टॉक्सिन से जुड़े रोगों को ठीक करने में असरदार भूमिका दिखाती है।

5. गिलोय के नुकसान ( Giloy Side Effects In Hindi )

आपको लगता है कि गिलोय से सिर्फ लाभ ही लाभ हैं तो ऐसा नहीं है। अगर आप ज़रुरत से ज्यादा मात्रा में गिलोय का सेवन करते हैं तो आपको गिलोय के नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं। आइये जानते हैं कि गिलोय के नुकसान (Giloy side effects in hindi) क्या हैं और किन परिस्थितयों में गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए।

1.ऑटो इम्यून बीमारियों का खतरा:–

गिलोय के सेवन से शरीर की इम्युनिटी पॉवर मजबूत तो होती है लेकिन कई बार इम्युनिटी के अधिक सक्रिय होने की वजह से ऑटो इम्यून बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसीलिए ऑटो इम्यून बीमारियों जैसे कि मल्टीप्ल स्केरेलोसिस या रुमेटाइड आर्थराइटिस आदि से पीड़ित मरीजों को गिलोय से परहेज की सलाह दी जाती है।

2. निम्न रक्तचाप:– (Low Blood pressure)

जो लोग पहले से ही निम्न रक्तचाप (लो ब्लड प्रेशर) के मरीज हैं उन्हें गिलोय के सेवन से परहेज करना चाहिए क्योंकि गिलोय भी ब्लड प्रेशर को कम करती है। इससे मरीज की स्थिति बिगड़ सकती है। इसी तरह किसी सर्जरी से पहले भी गिलोय (Giloy in hindi) का सेवन किसी भी रुप में नहीं करना चाहिए क्योंकि यह ब्लड प्रेशर को कम करती है जिससे सर्जरी के दौरान मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

3. गर्भावस्था:– (Pregnancy)

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी गिलोय से परहेज करने की सलाह दी जाती है। हालांकि गर्भावस्था के दौरान गिलोय के नुकसान के प्रमाण मौजूद नहीं है फिर भी बिना डॉक्टर की सलाह लिए गर्भावस्था में गिलोय का सेवन ना करें।

अब आप गिलोय के फायदे और नुकसान से भलीभांति परिचित हो चुके हैं। इसलिए अपनी ज़रुरत के हिसाब से गिलोय का नियमित सेवन शुरु कर दें। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि गिलोय जूस (Giloy juice) या गिलोय सत्व का हमेशा सीमित मात्रा में ही सेवन करें।

हालांकि गिलोय के नुकसान (Giloy ke nuksan) बहुत ही कम लोगों में देखने को मिलते हैं लेकिन फिर भी अगर आपको किसी तरह की समस्या होती है तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर को जरूर सूचित करें।

यह थी गिलोय से रिलेटेड जानकारी जो हमनें आपको इस पोस्ट में दी। अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी तो इसे शेयर करें और कमेंट में अपनी राय दें। ऐसी और जानकारी के लिए इस पेज से जुड़े रहे।

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