गले के इंफेक्शन के कारण और उन्हें दूर करने का तरीका Throat Infection, Treatment in Hindi में बात करते हैं।
इंफेक्शन हर मौसम में विभिन्न लोगों को होने वाले रोगों में से है।
परंतु फ्लू में बहती नाक ही बड़ी समस्या नहीं है बल्कि इसको अधिक तकलीफ वाला रोग बनाने वाला तत्व गले का इन्फेक्शन है।
जो केवल भोजन निगलना ही मुश्किल नहीं करता बल्कि बिस्तर पर करवटें बदलने पर मजबूर कर देता है।
सुबह गले में कांटे चुभने के एहसास के साथ उठाना इस बात का इशारा है कि
वायरस आपके इम्यून सिस्टम में प्रवेश कर चुका है।
और इस कारण से ही लगता है जैसे बहुत अधिक मिर्च वाली कोई चीज खा ली है।
क्योंकि वायरस शारीरिक सूजन का कारण बनता है।
स्पेशली टॉन्सिल्स या गले में यह जलन का एहसास कई दिन तक बाकी रह सकता है।
मगर आपको अच्छी बात यह जाननी आवश्यक है कि इस से छुटकारा पाने का नुस्खा आपके घर में ही मौजूद है।
जो के लगातार खांसी से बचाव में भी मददगार साबित होता है।
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दालचीनी एक ऐसा मसाला है जिसमें एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा बहुत अधिक होती है।
और जब गला सूज रहा हो तो बलगम बनने की मात्रा कम करके सांस लेना आसान बनाता है।
एक से डेढ़ कप पानी को उबालें जब पानी बनने लगे तो इसमें एक से दो दालचीनी की स्टिक का डालकर 3 मिनट तक और उबालें।
इसके बाद दालचीनी को निकालकर उसमें ग्रीन टी शामिल कर दे फिर गुनगुना होने पर पी ले।
अदरक श्वसन तंत्र के लिए मददगार जड़ी बूटी है जो के एंटी इन्फ्लेमेटरी विशेषताएं रखती है।
साथी बैक्टीरिया से मुकाबला भी करती है।
इसे इस्तेमाल करने के लिए एक अदरक को छील कर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट ले और उसे पीसकर मोम के पेपर में लपेट दें।
इसके बाद तीन कप पानी को नॉर्मल ताप पर उबाल ले और उबलने पर अदरक डाले उसके बाद फिर 5 मिनट तक उबाल ले।
और फिर चूल्हा बंद करके कुछ मात्रा में शहर डाल दें और इसे गुनगुना पी ले।
शहद की एंटी इन्फ्लेमेटरी विशेषताएं गले की तकलीफ को तेजी से समाप्त करने में सहायता देती है।
अगर इंफेक्शन और फ्लू का सामना हो तो बस एक चम्मच शहद खा ले।
और यह क्रिया बहुत कम समय में गले की सूजन और इन्फेक्शन कम होने में सहायता कर सकते हैं।
chamomile की चाय न केवल आपके पाचन तंत्र के लिए बालके फ्लू और गले के इंफेक्शन में भी लाभदायक है।
विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट में यह पता लगा है कि एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर भी होती है।
जो गले के इंफेक्शन और गले की खराश को आराम पहुंचाने में सहायता करती है।
यह चाय फैट से खाली होती है तो इसे सोने से पहले पीना नींद पर असर नहीं डालता।
इसमें कुछ मात्रा में शहद मिलाकर पीना गले की सूजन से बचाव की क्रिया को तेज कर देता है।
कुछ लोग नींबू का जल गर्म पानी में इस उम्मीद के साथ मिलाकर पीते हैं कि इससे शारीरिक भार में कमी और त्वचा साफ होगी।
मगर आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि ड्रिंक तकलीफ देने वाले गले के इंफेक्शन से भी सुरक्षा प्रदान करता है।
एंटी इन्फ्लेमेटरी और शारीरिक इम्यून सिस्टम मजबूत करने की क्षमता रखने वाला यह ड्रिंक गले के लिए ऐसा एसिड
क्रिया करता है जो के वाइरस और बैक्टीरिया की बढ़ोतरी को मुश्किल बना देता है।
नींबू में विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है जो कि मौसम में नजला जुकाम के खिलाफ भी लड़ने में मदद देती है।
शहर के विभिन्न प्रकार के मेडिकल लाभ है।
एक चाय का चम्मच शहद चाय में मिलना या ऐसे ही खा लेना भी गले के इन्फेक्शन में कमी ला सकता है।
मगर इसके असर को बेहतर बनाने के लिए उसमें तीन से दो बूंद कलौंजी के तेल को शामिल कर लें।
यह तेल एंटी इन्फ्लेमेटरी होता है और गले की तकलीफ में फौरन सुकून पहुंचाने में मदद दे सकता है।
यह बहुत आसान टोटका है और बहुत असरदार एक भी नमक के मिले पानी से गरारे करने से सूजन में कमी आती है जबकि बैक्टीरिया भी मरते हैं।
इसके लिए आधा चम्मच एक गिलास गर्म पानी में मिले और फिर 1 से 2 मिनट गर्म करें।
और शहद सब के सिरके में एसिड की सतह काफी अधिक होती है जो के नुकसानदायक बैक्टीरिया को समाप्त करने में मदद देती है।
इस तरीके को शहर से मिलकर इन्फेक्शन के शिकार गले की तकलीफ में कमी लाया जा सकती है।
एक खाने के चम्मच सेब के सिरके और एक खान की चम्मच शहद को एक कप गर्म पानी में मिक्स करें और फिर पी ले।
भाप इन्फेक्शन में कमी लाने के लिए सहायता प्रदान करती है।
इसके लिए एक बड़ा बाउल लें।उसे गर्म पानी से आधा भरने उसके बाद एक तौलिया लें।
और उसे सर पर ओढ़ कर अपना सर बाउल के ऊपर ऐसे रखें कि भाप मुँह में जाए।
बस फिर पानी से निकलने वाली भाप में सांस लें।
लोगों का इस्तेमाल तो सदियों से हो रहा है बल्कि चीन में दवाओं में इस्तेमाल किया जाता है।
जो के दांतों के दर्द में कमी भी लाती है मगर इस के साथ-साथ यह गले के तकलीफ के लिए लाभदायक है।
प्राकृतिक दर्द को खींचने वाले होते हैं जबकि यह मसला बैक्टीरिया को भी मारता है।
इसके लिए एक या दो लोगों ने और मुंह में डालकर चूसना शुरू कर दें जब नरम हो जाए तो चबाकर निकलना।
मेथी के पत्तों को किसी भी तेल में मिलाकर गले के बाहर और गर्दन के चारों ओर मालिश की जाए
या फिर उन्हें चाय के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाए।
तो उससे भी खराब व इन्फेक्शन का कारण बनने वाले बैक्टीरिया की समाप्ति होती है।
मेथी के पत्ते को गर्म पानी उबाल कर उसे गरारे भी किया जा सकते हैं।
थोड़े से लहसुन को गुनगुने पानी में उबालकर उसके गरारे करने से मुंह में मौजूद खराब बैक्टीरिया की समाप्ति होती है।
इसके अलावा अगर लहसुन की मदद से टूथब्रश को अपने दिनचर्या का हिस्सा बना लिया जाए।
तो उसे न केवल दांत मजबूत होंगे बल्कि सांस की बदबू भी समाप्त होगी।
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