Treatment of Head Dandruff in Hindi में सिर से रूसी को दूर करने के कुछ घरेलू टोटके।
सिर में रूखेपन की समस्या का रोग बहुत आम होता जा रहा है जिसका नतीजा तकलीफ देने वाली खुजली के रूप में निकलता है।
और यह समस्या केवल महिलाओं तक ही सीमित रही है बल्कि पुरुषों के बीच भी इस का सामना होता है।
और इससे बचने के लिए नए-नए शैंपू का इस्तेमाल लोग करते हैं।
आमतौर पर इसका कारण बालों की सफाई का अधिक ध्यान ना रखना यह त्वचा की समस्याएं भी होते हैं।
परंतु घर से बाहर लोगों की मौजूदगी में यह खुजली शर्मिंदगी का कारण हो सकती है।
विशेष रूप से सूखापन और हुए बाहर निकलना हो तो शाम से पानी पानी भी कर सकता है।
इस तकलीफ से बचाव के लिए कुछ सादे परंतु इंटरेस्टिंग टोटके बहुत मददगार साबित होते हैं जो निम्नलिखित हैं।
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यह तेल आमतौर पर कील मुंहासे और चंबल के इलाज के लिए इस्तेमाल होता है।
और यह एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट विशेषताएं भी रखता है जिससे रूखेपन से बचाव में मदद मिल सकती है।
टी ट्री ऑयल फंगस की विशेष प्रकार से लड़ने के लिए भी अधिक असरदायक होता है।
रूखेपन का शिकार लोगों पर इस तेल को आजमाया गया तो इसमें कमी रिकॉर्ड की गई।
जबकि खुजली की समस्या भी कम हो गई।
यह तेल नर्म त्वचा वाले लोगों में खारिश का कारण बन सकता है।
तो इसे नारियल के तेल की कुछ मात्रा में मिक्स करके लगाना बेहतर होता है।
इस तेल के विभिन्न लाभ साबित है।
और इसे बालों का रूखापन दूर करने के लिए प्राकृतिक टोटके के रूप में सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसके इस्तेमाल से त्वचा की नमी बेहतर होती है और रूखेपन की रोकथाम होती है।
नारियल का तेल त्वचा की नवी को बेहतर करने के लिए असरदायक है।
नारियल तेल के 8 हफ्ते तक इस्तेमाल करना सर की खुजली पर काबू पाने में सहायता करता है।
नहाने से पहले तीन से पांच चाय के चम्मच नारियल के तेल से सर की मालिश करें और 1 घंटे तक लगा रहने दे।
इसके बाद फिर कुछ शैंपू से धो ले।
इसके अतिरिक्त आप ऐसा शैंपू इस्तेमाल करके भी इसके फायदे को बढ़ा सकते हैं जिसमें नारियल का तेल भी शामिल हो।
एलोवेरा जेल का इस्तेमाल त्वचा पर लगाए जाने वाली क्रीम और लोशन दोनों में होता है।
और यही कारण है के बालों के सूखेपन को दूर करने के लिए भी लाभदायक हो सकता है।
एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटी फंगल होने के कारण एलोवेरा जेल बालों की रूखेपन से सुरक्षा देता है।
खुजली को दूर भगाने के लिए शैंपू से पहले एलोवेरा के तेल या जेल की मालिश करें।
एलोवेरा में ठंडक के तत्व खुजली से बचाने में सहायक साबित होते हैं।
सेब का सिरका भी स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होता है।
जो कि इंसुलिन की बेहतर करने और शारीरिक भार में कमी आने में सहायता कर सकता है।
इसके साथ-साथ इस बालों के रूखेपन से बचाव के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस सिरके में मौजूद एसिड के बारे में माना जाता है कि यह सिर की त्वचा से मृत सेल्स को निकालने की क्रिया को क्रियाशील करता है।
एक चौथाई कप इस सिरके को चौथाई कप पानी से भारी स्प्रे की बोतल में मिले और सिर पर छिड़काव करें।
अपने सिर पर टोरिया लपेटने और 15 मिनट से 1 घंटे तक आराम से बैठ जाए इसके बाद सर को धो लें।
यह क्रिया हफ्ते में दो बार करना रूखेपन से बचाव कर सकता है।
स्प्रीन में मौजूद एक तत्व salicylic acid एंटी इन्फ्लेमेटरी होता है।
यह तत्व स्प्रीन के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के एंटी डैंड्रफ शैंपू में भी होता है जो रूसी को दूर करने में सहायता करता है।
एक रिसर्च में पता लगाया गया कि इस एसिड वाले शैंपू बालों की रूखेपन को समाप्त करने में भी अधिक असर डालते हैं।
तो इस से यह भी लाभ उठाया जा सकता है कि बालों को रूखेपन से बचाने के लिए इस का इस्तेमाल करें।
सके लिए स्प्रीन की दो गोलियां को पीस ले और इस पाउडर को बाल धोने से पहले शैंपू में मिला ले।
इस मिक्सचर को अपने बालों पर 1 से 2 मिनट तक लगा रहने दे और फिर भले प्रकार से धो ले।
इसके बाद सादा शैंपू से सर को धोए आप इसका असर देखकर हैरान रह जाएंगे।
बेकिंग सोडा भी बालों का रूखापन दूर करने के लिए आसान और फौरन सहायता प्रदान कर सकता है।
ये सोडा फंगल से लड़ने में मदद देता है जो की रूखेपन के इलाज में भी मददगार तत्व है।
इसे इस्तेमाल करने के लिए बेकिंग सोडा को सीधा रूप में गीले बालों पर लगाकर सर पर मालिश करें।
इसके बाद 1 से 2 मिनट आराम से बैठ जाए और फिर अपने बालों को नॉर्मल पानी से धो लें।
दिमागी स्ट्रेस स्वास्थ्य के विभिन्न रूपों पर असर डालता है।
यह आप के शारीरिक रोगों से लेकर दिमागी स्वास्थ्य पर भी असर डालता है।
इस स्ट्रेस के नतीजे में शरीर का इम्यून सिस्टम भी पर भी असर पड़ता है।
कमजोर इम्यून सिस्टम शरीर की विभिन्न फंगल इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता को कम कर देती है।
जो बालों में रूखेपन का कारण बनता है।
दिमागी तनाव को कंट्रोल में रखने के लिए गहरी सांस लेना,व्यायाम करना आदि शामिल है।
ओमेगा 3 फैटी एसिड शरीर के लिए बहुत लाभदायक होते हैं।
जो सेल्स के लिए ही आवश्यक नहीं है बल्कि हृदय इम्यून सिस्टम और फेफड़ों की क्रियाशीलता में भी मदद देते हैं।
ओमेगा 3 फैटी एसिड त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है जो तेल बनने की क्रिया और हाइड्रेशन को कंट्रोल करते हैं।
शरीर में इसकी कमी विभिन्न प्रकार के लक्षणों जैसे सूखी त्वचा और बालों की रूसी की शक्ल में सामने आती है।
इससे हटकर भी ओमेगा 3 सूजन में कमी लाने वाला तत्व है
जिस से भी खुजली और सूखे व रूखेपन में कमी आ सकती है।
ओमेगा 3 फैटी एसिड मछली,अलसी के बीज अखरोट और दूसरे भोजन में पाए जाते हैं।
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