Lajwanti ke fayde लाजवंती या छुई मुई के फायदे

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Lajwanti ke fayde इस पोस्ट में हम आपको लाजवती यानी जिसको आम भाषा में छुई मुई का पौधा कहा जाता है, तो इसके होने वाले फ़ायदे के बारे में जानकारी देने वाले है।

सबसे पहले जान लेते हैं कि लाजवंती का पौधा क्या है?

Table of Contents

लाजवंती या छुई मुई का पौधा क्या है? What is Lajwanti in Hindi

सबसे पहले हमे ये पता होना चाहिए की लाजवंती का पौधा क्या है? जैसा की लाजवंती नाम से समझ आता है, कि इस पौधे को छूने से वो शर्मा जाती है यनि कहने का तात्पर्य यह है कि सिर्फ इंसान के छूने से ही नहीं बल्कि किसी भी चीज़ के स्पर्श मात्र से लाजवंती का पौधा सिकुड़ जाता है,

Lajwanti ke fayde

और कुछ समय के बाद फिर से अपने आकार में आ जाता है। इस छुई मुई के पौधे के पौष्टिक गुणों के आधार पर लाजवंती को आ आयुर्वेद में औषधि के रूप किया जा रहा है।

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अन्य भाषाओं में लाजवन्ती के नाम (Name of Lajwanti Plant in Different Languages)

लाजवन्ती का वानस्पतिक नाम Mimosa pudica Linn. (मिमोसा पुडिका) Syn-Mimosa hispidula Kunth होता है। लाजवन्ती Mimosaceae (मिमोसेसी) कूल का होता है।

लाजवन्ती को अंग्रेजी में Sensitive plant (सेन्सेटिव प्लान्ट) कहते हैं। लाजवन्ती को विभिन्न भाषाओं में भिन्न-भिन्न नामों से पुकारा जाता है। जैसे÷

Lajwanti in-

  • Sanskrit-लज्जालु, नमस्कारी, अंजलिकारिका, समङ्गा, शमीपत्रा, रक्तपादी, जलकारिका, खदिरका;
  • Hindi-लज्जावन्ती, छुई-मुई, लजारु, लाजवती,लजउनी;
  • Odia-लाजकुरी (Lajkuri);
  • Kannadaनाचीकेगीडा (Nachikegida), लज्जाKannadaनाचीकेगीडा (Nachikegida), लज्जा मुडुगुडवरी (Lajja mudugudvari);
  • Gujrati-रीसामणी (Risamani), रीसमनी (Resmani);
  • Tamil-थोट्टा-सिनिंगी (Thotta-siningi), तोटलवडी (Totlvaadi);
  • Telegu-मुणुगु दामरगु (Munugu damragu), अट्टापट्टी (Attapatii);Bengali-लज्जाबती (Lajjabati), लाजक (Lajak);
  • Nepali-भूहरीझार (Buharijhar);
  • Punjabi-लाजवंती (Lajwanti);
  • Marathi-लाजालु (Lajalu), लाजरी (Lajri);
  • Malayalam-टोटावडी (Tottavaadi।
  • English-हम्बल प्लांट (Humble plant), टच मी नॉट (Touch me not), शेम प्लान्ट (Shame plant)।

लाजवंती पौधे के फायदे (Lajwanti Tree Use And Benefits in Hindi/Lajwanti ke fayde)

जैसा की आप लोगों को ऊपर बताया गया है कि लाजवंती के पौधे का प्रयोग आयुर्वेद में औषधी के रूप में किया जाता है।

चलिए आगे जानते है कि लाजवंती का इस्तेमाल (Lajwanti ke fayde) बीमारियों के लिए किस तरह किया जाता है।

1. खाँसी से राहत पाने के लिए लाजवंती के पौधे के फायदा (Benefits of Lajwanti Tree for Cough in Hindi)

जैसे की हम पुराने समय की बात करे तो बहुत ही पुराने समय के बुजुर्ग लोग इस बात को बताते आ रहे और करते भी आ रहे है कि किसी भी घर में किसी भी व्यक्ति को खाँसी होती है।

या फिर किसी बच्चे की खाँसी रुक नहीं रही है तो लाजवंती के जड़ को धागे में लपेट कर गर्दन में बाँधने लेने से ही मात्र खाँसी में बहुत ही ज्यादा प्रभाव नज़र आता है,

और खाँसी रुक जाती है। इस बात की पुष्टि आचार्य बालकृष्ण जी ने भी की है।

2. बावासिर से दिलाये राहत लाजवंती का पौधा (Lajwanti Benefits in Haemorrhoid in Hindi/Lajwanti ke fayde)

अगर आप लोग ज्यादा तीखा, मसालेदर खाना खाते हो तो बावासिर (पाइल्स) होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

बवासीर की समस्या होने पर अक्सर शौच के दौरान रक्तस्राव होने लगता है, इस समस्या को खूनी बवासीर कहा जाता है.

इस समस्या में लाजवंती का उपयोग आपके लिए फ़ायदेमंद हो सकता है।आयुर्वेद के अनुसार लाजवंती में कषाय रस होता है जो खूनी बवासीर में होने वाले रक्तस्राव को नियंत्रित करके बवासीर के लक्षणों को कम करता है.

आइये जानते हैं कैसे इसका उपयोग करें : –

  • एक चम्मच लाजवंती पत्ते के चूर्ण को दूध के साथ सुबह शाम अथवा तीन बार देने से बवासीर में लाभ होता है।
  • लाजवंती के जड़ तथा पत्ते के एक चम्मच चूर्ण (Lajwanti powder) को दूध में मिलाकर सुबह शाम देने से बवासीर और भगंदर या में लाभ होता है।
  • -1-3 ग्राम लज्जालू पत्ते के चूर्ण का दूध के साथ सेवन करने से अर्श में लाभ होता है।

3. स्तनों के ढीलेपन को करे ठीक लाजवंती का पौधा/ (Lajwanti Beneficial in Loose Breast Problems in Hindi/Lajwanti ke fayde)

Lajwanti ke fayde

अक्सर उम्र बढ़ने के साथ स्तनों के ढीलेपन की समस्या आने लगती है। स्तनों के ढीलेपन से बहुत परेशान होते हैं, तो लाजवंती का इस तरह से उपयोग करने से लाभ मिलता है।

लाजवंती के पत्ते और जड़ का पेस्ट बना कर के स्तनों में मालिश करनी है चाहिए इससे स्तनों का ढीलेपन ठीक हो जायेगा।

4. मूत्र संबंधी समस्या मे लाभप्रद छुई मुई का पौधा (Lajwanti to Treat Urinary Problem in Hindi/Lajwanti ke fayde)

अत्यधिक मात्रा में मूत्र होने की समस्या में भी लाजवंती बहुत फायदेमंद (lajwanti ke fayde) है।

लाजवंती के पत्तों को जल में पीसकर वस्ति प्रदेश (ब्लडर) पर लेप करने से मूत्रातिसार मेंलाभ होता है।

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5. किडनी स्टोन से राहत पाने के लिए लाजवंती के फायदे (Benefits of Lajwanti to get relief from kidney stone/Lajwanti ke fayde)

अत्यधिक मात्रा में किडनी स्टोन की समस्या में भी लाजवंती बहुत फायदेमंद (Lajwanti ke fayde) है। किडनी स्टोन में लाजवंती के पूरे पौधे को सुखा ले।

यानी जिसके अंदर फल,फूल, पत्ता, जड़ सब होना चाहिए। इसका सेवन करने की लिए 3 से 4 grm. इसको ले कर के 400grm. पानी मे उबाले और जब 100grm. रह जाए,

तो इसको रोज खाली पेट इसका सेवन करने आपको बहुत फायदा (Lajwanti ke fayde) होगा।

लाजवंती के फायदे (Lajwanti ke fayde) – Benefits of Lajwanti in point :

  • तनाब से राहत पाने के लिए छुई मुई का उपयोग कर सकते है।
  • लाजवंती के फायदे मधुमेह के रोगियों के लिए भी काफी लाभकारी होती है।
  • घाव भरने के लिए भी लाजवंती का उपयोग किया जाता है।
  • जोड़ो की दर्द को कम करने के लिए भी लाजवंती का उपयोग किया जाता है।
  • मासिक धर्म को दूर करने के लिए भी लाजवंती का उपयोग किया जाता है।
  • पेट दर्द से राहत पाने के लिए भी लाजवंती का उपयोग किया जाता है।
  • दस्त को रोकने के लिए भी लाजवंती का उपयोग किया जाता है।
  • Tonsils के दर्द के लिए भी लाजवंती का उपयोग किया जाता है।

लाजवंती के उपयोगी भाग (Useful Parts of Lajwanti)

आयुर्वेद में लाजवन्ती के जड़ और पत्ते का प्रयोग औषधि के रुप में सबसे ज्यादा किया जाता है। अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगे तो शेयर करना ना भूले और कमेंट में अपनी राय जरूर लिखें।

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