Benefits Of Nagkesar In Hindi:– (नागकेसर के फायदे इन हिन्दी)

Benefits Of Nagkesar In Hindi दोस्तों तो चलिए आज जानते है नागकेसर से रिलेटिड जानकारियां जो आज हम आपको इस पोस्ट में बताएंगे। वैसे तो सभी लोगों को पता होगा नागकेसर के बारे में लेकिन कुछ एक व्यक्ति ऐसे होंगे जिन्हें इसकी जानकारी नहीं होगी।

आज इस लेख में हम आपको इसकी पूरी जानकारी देंगे इसके क्या क्या फायदे मिलते हैं इसके उपयोग के बारे में और नुकसानों के बारे में भी चर्चा करेंगे। तो चलिए सबसे पहले जान लेते हैं की यह नागकेसर हैं क्या ?

1. What Is Nagkesar In Hindi:– (नागकेसर क्या है इन हिन्दी )

नागकेसर एक सदावार सजावटी वृक्ष है जो अधिकाश एशिया देशों में पाया जाता है। नागकेसर का पौधा एक जड़ी बूटी है जिसका इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में नागकेसर के प्रमुख गुणों के बारे में विस्तृत वर्णन मिलता है। इस पौधे के फल, फूल बीज आदि सभी की हिस्सों का इस्तेमाल औषधी के रूप में किया जाता है।

Benefits Of Nagkesar In Hindi

इसकी पत्तियां लाल रंग की होती है और उनका अगला हिस्सा चमकीले हरे रंग की होती है। इसके फूल सफ़ेद और पीले रंग के होते हैं। इन फूलों के अंदर पीले केसरी रंग के पुंकेसर गुच्छो में आते हैं, इन्हें ही ‘नागकेसर’ कहते हैं। नागकेसरी कसैला, तीखा, गर्म, लघु, रूक्ष, कफ-पित्तशामक, आमपाचक, व्रणरोपक तथा सन्धानकारक होता है। इसके पुंकेसर से बनने वाले एसेंशियल ऑयल में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। इन्ही गुणों की वजह से इसका सेवन कई बीमारियों में लाभप्रद होता है।

2. Benefits Of Nagkesar In Hindi:– ( नागकेसर के फायदे इन हिन्दी )

नागकेसर में औषधीय गुण होने कारण इसे कई तरह की बीमारियों में इसे घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल किए जाता है। तो चलिए जानते हैं नागकेसर से होने वाले फायदों के बारे में हमें इससे क्या क्या फायदे मिलते हैं:–

1.सर्दी जुखाम में फायदेमंद होता है नागकेसर Benefits Of Nagkesar In Hindi :–

नागकेसर में औषधीय षधीय गुण होने के कारण यह बहुत लाभकारी होता है। खांसी दूर करने के साथ यह सर्दी जुखाम में भी जल्दी से आराम दिलाता है। जुखाम होने पर नागकेसर के पत्तों के पेस्ट को सिर पर लगाए। इसे लगाने से सर्दी जुखाम में आराम मिलता है।

2. पचान संबंधी समस्या को दूर करने में सहायक होता है नागकेसर Benefits Of Nagkesar In Hindi :–

नागकेसर के औषधीय गुण पचना संबंधी सहयता किसी भी तरह की पचान समस्या को ठीक करने के लिए एक बेहतरीन उपाय है। नागकेसर पाचन तंत्र के समुचित कार्य में मदद करता है नागकेसर का उपयोग कब्ज, गैस और रक्तस्रावी जैसे पाचन के इलाज के लिए किया जाता है।

3. दस्त के साथ खून आने की समस्या से आराम दिलाता है नागकेसर :–

खराब खानपान, पेट में ज्यादा गर्मी यह अन्य कारणों से दस्त के साथ खून भी निकलने लगता है अक्सर बच्चे इस समस्या से ज्यादा पीड़ित रहते हैं हालंकि बड़ो में भी यह समस्या होना आम बात है। दस्त में खून की समस्या से आराम दिलाने में नागकेसर बहुत कारगर है। इसके लिए 250-500 मिग्रा नागकेसर चूर्ण को शहद युक्त मक्खन के साथ या चीनी-युक्त मक्खन के साथ सेवन करने से मल में खून निकलने की समस्या से आराम मिलता है।

4. हृदय स्वास्थ को ठीक रखने में सहायक होता है नागकेसर :–

यह ह्रदय के लिए टॉनिक के रूप में कार्य करता है और रूकावट, उच्च रक्त चाप आदि जैसी बीमारियों को दूर रखता है। ह्रदय की कमज़ोरी को ठीक करने में नागकेसर बहुत प्रभावी होता है। माना जाता है की नियमित रूप से नागकेसर का सेवन रक्त परिसंचरण में सुधार और दिल के दौरे और स्ट्रोक जैसी हृदय संबंधी समस्याओं को रोकता है।

5. इनफर्टिलिटी की समस्या को दूर करता है नागकेसर :

नागकेसर एक फूल होता है जो कि इनफर्टिलिटी की समस्‍याओं को ठीक करने में लाभकारी होता है। इससे पीरियड से जुड़ी कई तरह की परेशानियों को भी दूर करने की क्षमता रखता है।फर्टिलिटी से संबंधित जो भी समस्‍या होती है, उसके लिए वात दोष में असंतुलन प्रमुख होता है। नागकेसर असंतुलित हुए वात दोष को ठीक करता है। इसके अलावा नागकेसर का सूखा हुआ फूल या पाउडर एंटीऑक्‍सीडेंट की तरह काम करता है। ये एंटीऑक्‍सीडेंट एग की क्‍वालिटी को बढ़ाते हैं और शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को बाहर निकालते हैं।

6. सांस की बीमारियों से छुटकारा दिलाता है नागकेसर :–

कफ ,ब्रोंकाइटिस और अस्थमा जैसी बीमारियों में भी नागकेसर के फूलों को भी उपयोगी माना जाता है। नागकेसर श्वसन संबंधी समस्याओं जैसे अस्थमा, डिस्नेपिया (सांस फूलना) और अन्य श्वसन समस्याओं के इलाज में काफी प्रभावी है। यह अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों को ठीक करने मे सहायक है।

3. How To Use Nagkesar In Hindi:– ( नागकेसर खाने की खुराक इन हिन्दी )

आइए अब जानते हैं कि नागकेसर का उपयोग या सेवन हम कैसे करते हैं :–

  • नागकेसर चूर्ण 1– 2 से 1 ग्राम दिन में दो या तीन बार खाली पेट गुन गुने पानी के साथ ले ।
  • आप इसका काढ़ा बना कर भी पी सकते है।
  • यदि आप किसी बीमारी के इलाज के रूप में नागकेशर का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करें।

4. Side Effects Of Nagkesar In Hindi:– ( नागकेसर के नुकसान इन हिन्दी )

आइए अब जानते है नागकेसर से होने वाले नुकसानों के बारे में फायदे और नुकसान हर चीज के होते हैं। उसी प्रकार अगर नागकेसर के फायदे है तो इसके नुकसान भी हो सकते है। इसलिए नीचे हम आपको नागकेसर के नुकसानों के बारे में बता रहे हैं:–

  • नागकेसर की तासीर ग्राम होती है इसलिए आप इसका सेवन संतुलित मात्रा में करे।
  • अधिक नागकेसर खाने से नाक से खून आने की शिकायत हो सकती है।
  • हो सके तो आप इसका सेवन सर्दी के मौसम के समय में ही करें।
  • नागकेसर का सेवन आप मक्खन और मिश्री के साथ ही करें और दिन में एक ग्राम से अधिक नाग केसर न सेवन करें।
  • बच्चों को नाग केसर देने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

यह थी नागकेसर से रिलेटिड पूरी जानकारी जो हमनें आपको इस लेख में दी। अगर आपको हमारी यह पोस्ट (Benefits Of Nagkesar In Hindi) अच्छी लगे तो इसे शेयर करें और कमेंट में अपनी राय जरूर दें और कमेंट में अपनी राय जरूर दें। ऐसी और जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहे।

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